झड़ीपानी-कोल्हूखेत वैकल्पिक मार्ग खस्ताहालत में

मसूरी,। झड़ीपानी कुल्हूखेत मार्ग पिछले एक दशक से खस्ता हाल है और क्षेत्रवासी लगातार इस मार्ग की मरम्मत की मांग की जाती रही है जिस पर नगर पालिका परिषद ने लगभग 300 मीटर मार्ग का सुधारीकरण कर दिया है लेकिन अभी आधे से अधिक मार्ग कच्चा है, जिस पर मांग की गयी कि बरसात से पहले मार्ग को पूरा बनाया जाय।
झड़ीपानी कोल्हूखेत मार्ग मसूरी शहर के लिए अति महत्वपूर्ण है, लेकिन यह मार्ग सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। इस मार्ग पर स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ ही अन्य स्थानों में प्रशिक्षण ले रहे लोग और स्थानीय लोग आवागमन करते हैं। आपदा के समय यह मार्ग अति महत्वपूर्ण होता है और इसी मार्ग से लोग अपने वाहनों व दुपहिया वाहनों से गंतव्य तक पहुंचते हैं। जहां एक और नगर पालिका करोड़ों रुपए नाले खालो में खर्च कर रही है वहीं शहर की अधिकांश सड़के खस्ता हाल है ऐसे में पर्यटन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप भंडारी ने बताया कि पिछले एक दशक से इस मार्ग की मरम्मत की मांग की जा रही है और हाल ही में नगर पालिका द्वारा मात्र 300 मीटर का एक पैच वर्क किया गया है, लेकिन बाकी मार्ग को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। उन्होंने नगर पालिका से मांग की कि बरसात से पहले इस पूरे मार्ग की मरम्मत की जानी चाहिए, ताकि लोग इसका उपयोग कर सकें। इस संबध में क्षेत्रीय सभासद गौरी थपलियाल ने कहा कि उन्होंने चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में इस मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर बनाने की बात कही थी थी जिसके बाद लगातार नगर पालिका परिषद से मार्ग को बनाने की मंाग की जाती रही जिस पर नगर पालिका ने लगभग 300 मी रोड का कार्य शुरू किया जो अब पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस मार्ग के आगे का हिस्सा जो छूट गया है उसके सुधारीकरण को लेकर नगर पालिका में प्रस्ताव दिया जाएगा और उन्हें उम्मीद है की बरसात से पहले यह मार्ग दुरुस्त कर लिया जाएगा, ताकि आम जनता इस मार्ग का उपयोग कर सके। मार्ग के सुधारीकरण के साथ ही रोड के किनारे रेलिंग लगाना भी जरूरी है जो सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।



