रुड़की में मानक मंथन उद्योगों ने बीआईएस मानकों को अपनाने और गुणवत्ता संस्कृति को बढ़ावा देने का लिया संकल्प
रुड़की,।उद्योगों में गुणवत्ता और जवाबदेही की संस्कृति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), रुड़की चौप्टर के संयुक्त तत्वावधान में ष्मानक मंथनष् उद्योग संवेदीकरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन ठप्ै देहरादून के निदेशक हेमंत बी. आडे और सहायक निदेशक सौरभ चौरसिया के साथ आईआईए के चौप्टर चेयरमैन प्रवीण गर्ग, राष्ट्रीय पीआर हेड अजय जैन, सेक्रेटरी प्रेम सिंह, कोषाध्यक्ष सुंदरम चौधरी एवं जॉइंट सेक्रेटरी दीपमणि मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। आईआईए पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया।
0अपने मुख्य संबोधन में निदेशक हेमंत बी. आडे ने कहा, ष्उद्योगों के साथ सतत संवाद ही गुणवत्ता संवर्धन की कुंजी है। उन्होंने रेखांकित किया कि 1947 में अपनी स्थापना के बाद से ही बीआईएस राष्ट्र की गुणवत्ताश् के प्रहरी के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में टिकने के लिए भारतीय मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
सहायक निदेशक सौरभ चौरसिया ने बीआईएस की प्रमाणन प्रक्रिया, भारतीय मानक (आईएस स्टैंडर्डस) और गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) पर तकनीकी सत्र लिया। उन्होंने विशेष रूप से फर्नीचर और अन्य उद्योगों का उल्लेख करते हुए बताया कि कई उत्पादों पर अब बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य हो चुका है। बिना वैध लाइसेंस के निर्माण या बिक्री करना कानूनन दंडनीय अपराध है।
बीआईएस प्रमाणन से होने वाले लाभ के अंतर्गत उत्पाद की विश्वसनीयतारू ब्रांड वैल्यू और उपभोक्ता के विश्वास में वृद्धि शामिल है। बाजार में बढ़तरू घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ शामिल है और सरकारी लाभरू सरकारी निविदाओं (टेंडर्स) में प्राथमिकता और निर्यात प्रोत्साहन शामिल है। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उद्यमियों ने लाइसेंस प्रक्रिया, टेस्टिंग लैब की उपलब्धता और दस्तावेजों से संबंधित अपनी शंकाएं रखीं। बीआईएस अधिकारियों ने इन सभी तकनीकी सवालों का विस्तार से समाधान किया। आईआईए पदाधिकारियों ने साझा किया कि रुड़की के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को मानकों के अनुरूप ढालना संस्था की प्राथमिकता है ताकि यहाँ के उत्पाद वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकें।समारोह के समापन पर बीआईएस अधिकारियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इस अवसर पर अतुल शर्मा, कुलदीप सिंह, तरुण सुराना, श्री मंथन, जितेश, जुबैर, मनीष, अमित गाबा, नीरज सिंह, राजेश, शहनाज़, रवि, संदीप, एस.के. सेंगर सहित भारी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
