Uttarakhand

हार्ट रिद्म संबंधी समस्याओं को समय रहते पहचाने

देहरादून,। दिल की धड़कनों की रिद्म संबंधी समस्याओं को अक्सर किसी गंभीर स्थिति से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसके शुरुआती संकेत कई बार बहुत हल्के भी हो सकते हैं। जैसे-दिल की धड़कन का अनियमित होना, सीने में कुछ क्षणों के लिए फड़फड़ाहट महसूस होना या अचानक कुछ समय के लिए धड़कन का तेज हो जाना। ये लक्षण अरिद्मिया (हार्ट रिद्म संबंधी समस्या) की ओर इशारा कर सकते हैं। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें दिल बहुत तेज, बहुत धीमी या अनियमित गति से धड़कता है। हालांकि हर अनियमित धड़कन खतरनाक नहीं होती, लेकिन यदि ऐसे लक्षण पहली बार दिखाई दें, लगातार बने रहें या इनके कारण कोई परेशानी महसूस हो, तो योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जल्द जांच करानी चाहिए।
एबॉट के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, हांगकांग, ताइवान और कोरिया में कार्डियक रिद्म मैनेजमेंट व्यवसाय के जनरल मैनेजर अजय सिंह चैहान ने कहा, दिल की धड़कनों की रिद्म संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें समय पर सही इलाज मिले, ताकि वे जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। एबॉट में हमारा प्रयास है कि मरीजों के इलाज की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। इसके लिए हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी की मदद से बीमारी की समय रहते पहचान करने और ब्रैडीकार्डिया जैसी समस्याओं के लिए आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं। लीडलेस पेसमेकर जैसी आधुनिक तकनीकों को इस तरह विकसित किया गया है कि लीड्स से जुड़ी समस्याओं और संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। साथ ही, इससे मरीज को अधिक आराम मिलता है और उसके जल्दी स्वस्थ होने की संभावना भी बढ़ती है। जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और समय पर बीमारी की पहचान हो रही है, हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक मरीजों तक ये आधुनिक उपचार पहुंचें। इसके साथ ही, हम डॉक्टरों के साथ मिलकर ऐसा उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो न केवल चिकित्सकीय रूप से प्रभावी हो, बल्कि मरीज की जरूरतों को भी केंद्र में रखे।
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