एक पेड़ मां के नाम अभियान को मिला नया आयाम

रुद्रप्रयाग,। प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत भाजपा महिला मोर्चा की महिलाओं ने हरियाली देवी क्षेत्र स्थित मिश्रित वन कोट मल्ला में रुद्राक्ष के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान का अनूठा संदेश दिया। माताओं के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव लिए महिलाओं ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया तथा पौधों के संरक्षण-संवर्धन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी ने किया। उन्होंने कहा कि मां जीवन का आधार है और प्रकृति संपूर्ण सृष्टि की जननी। ऐसे में मां के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
इस अवसर पर प्रख्यात पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली ने उपस्थित महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण, जैव विविधता और मिश्रित वनों की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक संबंध को मजबूत करने वाला जनआंदोलन है। जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर पौधा लगाता है, तो वह उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्वयं निभाता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को स्थायी मजबूती मिलती है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, घटते जल स्रोतों और बढ़ते पर्यावरणीय संकट के दौर में मिश्रित वन मॉडल समय की आवश्यकता है। रुद्राक्ष जैसे धार्मिक, सांस्कृतिक और औषधीय महत्व वाले वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी सुदृढ़ करते हैं।
महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी ने मिश्रित वन कोट मल्ला की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और प्रकृति आधारित शिक्षा का उत्कृष्ट मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरणीय अभियानों को नई ऊर्जा मिलती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार होती है।
कार्यक्रम में दीना नेगी, पुष्पा किमोठी, अनीता चैधरी, रेखा पुरोहित सहित महिला मोर्चा की अनेक कार्यकर्ता एवं स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। मातृ सम्मान, प्रकृति संरक्षण और जनभागीदारी का संगम बने इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो हरित और सुरक्षित भविष्य का सपना साकार किया जा सकता है।




