पीएनबी ने “पीएनबी दिव्यांग ऋण” की शुरुआत की
देहरादून,। भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने ष्पीएनबी दिव्यांग ऋणष् की शुरुआत की है, जो एक रियायती आवास और वाहन ऋण योजना है। इसे किफायती और सुलभ वित्तीय समाधानों के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है। यह योजना राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम (एनडीएफडीसी) के साथ साझेदारी में शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत बैंक आवास और गतिशीलता की आवश्यकताओं के लिए रियायती वित्तपोषण प्रदान करेगा, जिसे एनडीएफडीसी से 100ः पुनर्वित्त सहायता प्राप्त होगी।
इस योजना के अंतर्गत, पात्र भारतीय नागरिक खरीद, निर्माण, नवीकरण या संयुक्त आवास (कंपोजिट हाउसिंग) के उद्देश्यों के लिए 50 लाख तक के आवास ऋण का लाभ उठा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, गतिशीलता, रोजगार क्षमता और वित्तीय स्वतंत्रता में सुधार लाने के उद्देश्य से संशोधित चौपहिया वाहनों (50 लाख तक) और दोपहिया वाहनों (1.50 लाख तक) के लिए रियायती वाहन ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास ऋण और वाहन ऋण दोनों का लाभ उठाने वाले ग्राहक के लिए अधिकतम संयुक्त सीमा 50 लाख निर्धारित की गई है। इस अवसर पर बोलते हुए, रिटेल आस्ति कारोबार प्रभाग, पीएनबी के महाप्रबंधक, सुबोध कुमार ने कहा पीएनबी में हमारा मानना घ्घ्है कि वित्तीय समावेशन का वास्तविक अर्थ समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए सार्थक पहुंच, सम्मान और सशक्तिकरण होना चाहिए। पीएनबी दिव्यांग ऋण हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है जिसके तहत हम ऐसी समावेशी बैंकिंग सेवाएं तैयार करना चाहते हैं जो दिव्यांग व्यक्तियों को अधिक वित्तीय स्वतंत्रता, बेहतर गतिशीलता और अपना घर होने के सपने को पूरा करने में सक्षम बना सकें। रियायती ब्याज दरों और औपचारिक ऋण तक आसान पहुंच प्रदान करके, इस योजना का उद्देश्य उन समुदायों के लिए संस्थागत वित्त को अधिक किफायती और सुलभ बनाना है जो अब तक इन सुविधाओं से वंचित रहे हैं। यह पहल लक्षित वित्तीय सहायता के माध्यम से दिव्यांगजनों के समावेशी विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के भारत सरकार के विज़न के अनुरूप है।”



