Uttarakhand

ऊखीमठ ब्लॉक के 20 वर्षीय बालक की हो रही थी अगस्त्यमुनि निवासी अपने से बड़ी उम्र की बालिका से शादी

रुद्रप्रयाग,। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों से जनपद में बाल विवाहों की संख्या में कमी अवश्य आई है, मगर कुछ जगहों पर अभी भी लोग जागरूक नहीं हो पाए हैं। इस वर्ष अब तक 22 मामले रुकवाए जा चुके हैं, जिसमें मंगलवार की घटना भी शामिल है। गुप्त सूचना के बाद टीम तेजी के साथ नाबालिग विवाह को लेकर कड़ी कार्यवाही कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार ऊखीमठ ब्लॉक के 20 साल के नाबालिग बालक की सगाई अगस्त्यमुनि निवासी लड़की के साथ तय होने की सूचना मिलते ही बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक सुरेंद्र सिंह, वार्ड मेंबर पूजा देवी तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री उर्मिला देवी द्वारा तत्काल नाबालिग बालक के घर पर जाकर परिजनों को सख्त हिदायत दी गई कि जब तक बालक की उम्र 21 नहीं हो जाती है, तब तक वह न सगाई करेंगे और ना ही उनके विवाह के बारे में सोचेंगे। टीम ने परिजनों को बताया कि  यदि उनके द्वारा जबरदस्ती यह कार्य किया जाता है तो वह कानूनी शिकंजे में फंस सकते हैं और उन्हें इस अपराध के लिए सजा और जुर्माना दोनों से दंडित किया जा सकता है। उन्हें यूसीसी की जानकारी भी प्रदान की गई, जिसके तहत बाल विवाह करवाने पर सख्त दंड का प्रावधान है। गौरतलब है कि मामले में बालिका न सिर्फ बालिग है, बल्कि बालक से उम्र में भी बड़ी है। दोनों की सगाई 24 नवंबर को होने वाली थी, जबकि फरवरी में शादी तय थी।

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