Uttarakhand

कांग्रेस ने ‘अंकिता भंडारी को न्याय दो’ पदयात्रा निकाली

देहरादून,। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराये जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेशभर में लगातार धरना-प्रदर्शन एवं आन्दोलन का दौर जारी है। प्रदेशभर में चलाये जा रहे आन्दोलन मद्देनजर जहां प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आज नंदप्रयाग, चमोली एवं गोपेश्वर में विशाल जुलूस के साथ अंकिता भंडारी को न्याय दो पद यात्रा निकाली निकालते हुए जनता में अलख जगाने का काम किया वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भगवानपुर विधानसभा, पिरान कलियर एवं रुड़की, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने रानीखेत तथा प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने देहरादून के विभिन्न वार्डों में विशाल प्रदर्शन के साथ अंकिता भंडारी को न्याय दो पद यात्रा निकाली।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चमोली जनपद के नंदप्रयाग, चमोली एवं गोपेश्वर में विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक भाजपा सरकार उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई की जांच कराने की घोषणा नहीं करती तथा उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल जाता कांग्रेस पार्टी का आन्दोलन जारी रहेगा तथा कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा सरकार को हत्याकांड की जांच कराने को मजबूर नहीं हो जाती। उन्होंने यह भी कहा कि कंाग्रेस पार्टी ने 30 दिसम्बर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को हत्याकांड से जुडे बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण की मांग की थी परन्तु अभी तक राज्य की पुलिस ने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया, वहीं दूसरी ओर हत्याकांड में वीआईपी के रूप में पहचाने जाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यन्त कुमार गौतम के पत्र का तुरंत संज्ञान लेते हुए कंाग्रेसजनों पर एफआई आर दर्ज करने में तत्परता दिखाई। उन्होंने कहा कि काश प्रदेश की पुलिस ने बिना भाजपा सरकार के दबाव में आये अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और वीआईपी के नाम का खुलासा करने में इतनी तत्परता दिखाई होती तो आज राज्य के आम आदमी को आन्दोलन के लिए सड़कों पर उतरने का मजबूर नहीं होना पड़ता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी द्वारा हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम दुष्यन्त गौतम उर्फ गट्टू के रूप में उजागर किया गया है तथा रिसार्ट पर स्थानीय विधायक रेणु बिष्ट के इशारे पर बुल्डोजर की कार्रवाई किये जाने का भी खुलासा हुआ है परन्तु प्रदेश की धामी सरकार सीबीआई जांच कराने से कतरा रही है क्योंकि इस हत्याकांड में उसके प्रदेश प्रभारी एवं विधायक की भूमिका सामने आ रही है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में हुए खुलासे से साबित हो गया है कि भाजपा सरकारों का बेटी बचाओ-बेटी पढाओ का नारा खोखला साबित हुआ है तथा अंकिता भंडारी निर्मम हत्याकांड से लेकर भाजपा शासन में महिलाओं पर लगातार अत्याचार की घटनायें घटित होती जा रही हैं तथा पिछले चार साल में दर्जनों बेटियों को अपनी इज्जत और जांन गंवानी पड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई से जांच कराने की बजाय भाजपा के नेता कांग्रेस और विपक्षी दलों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने तथा कांग्रेस का पुतला दहन करने का काम कर रहे हैं इससे स्पष्ट है कि धामी सरकार अपनी खाल बचाने के लिए उल्टा चोर कोतवाल को डांटने वाली कहावत को चरितार्थ करती नजर आ रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button